बिहार चुनाव नतीजे के बाद एक्शन: निकाय चुनाव के साल भर पहले विधानसभा चुनाव का हिसाब-किताब शुरू, पार्टी विरोधी गतिविधियों पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई
सागर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तगड़े संगठनात्मक मैनेजमेंट के साथ ही पार्टी में अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। 2027 में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव के पहले विधानसभा चुनाव के बागी और दागियों की कुंडली खुलने लगी है। इसकी शुरुआत देवरी विधानसभा से हो चुकी है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में देवरी नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन और उनके पति अलकेश जैन को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। पार्टी की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत दे रही है कि अब पहले की तरह अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी अब अनुशासन का डंडा चलाएगी। शायद पहले से ज्यादा भाजपाइयों को पार्टी की रीति-नीति के आधार पर चलना होगा। पार्टी की विचारधारा के विपरीत और दाएं-बाएं चलने वाले नेताओं की खबर ली जा सकती है। जनप्रतिनिधियों की स्वच्छ छवि पर भी फोकस रहेगा। दागी जनप्रतिनिधियों को आगामी विधानसभा चुनाव में कितना महत्व मिलेगा इस पर भी विचार किया जाने लगा है,क्योंकि पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है। कार्यकर्ताओं का जोश हाई है। बिहार जैसे कठिन चुनाव में भजन गायिका मैथिली ठाकुर की जीत के बाद 2028 के लिए नए चेहरे, युवा और अच्छे नेताओं की तलाश चल रही है।
जैन दंपति पर इसलिए कार्रवाई: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रचार, फिर कांग्रेस पार्षद को ही पीआईसी में ले लिया
भाजपा की ग्रामीण जिला अध्यक्ष रानी कुशवाहा ने जैन दंपती को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव 2023 में आप और आपके पति द्वारा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी बृजबिहारी पटैरिया का खुला विरोध किया गया।आपने जो प्रचार कांग्रेस का किया है। उसका प्रमाण फोटो सहित संगठन के पास है। आपके द्वारा अपने निर्वाचन के बाद पीआईसी का गठन किया गया। जिसमें बार-बार कांग्रेस पार्षद त्रिवेन्द्र जाट को लिया गया। भाजपा के 13 पार्षद होने के बाद कांग्रेस पार्षद को पीआईसी में सम्मिलित किया जाना आपकी अनुशासनहीनता है। प्रदेश महामंत्री लता वानखेड़े के स्वागत में प्रदेश अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक एवं जिला अध्यक्ष की फोटो फ्लेक्स में न लगाना आपकी निरकुंश कार्य प्रणाली को प्रदर्शित करती है।













