सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार काे अपने 61 वें जन्मदिवस पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की। मुख्यमंत्री ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में 14 कछुओं को छाेड़ा। इनमें टेरा प्रिंस प्रजाति के 6 कछुए और सुंदरी प्रजाति के 8 कछुए। विशेषज्ञों के अनुसार ये प्रजातियां नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जैव-विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कूनाें से लाए जाने वाले चीताें काे रखने के लिए मुहली में बाड़ाें का भूमिपूजन भी किया। उन्हाेंने किसान के खेत पर भाेजन किया अाैर सरकार की लाभकारी याेजनाअाें की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा प्रकृति और वन्य जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। कछुओं का विमुक्तिकरण और चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम प्रदेश को वन्यजीव पर्यटन और संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का विस्तार 2,339 वर्ग किमी में है। यह एमपी का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों तक फैला है। इसे भेड़ियों की धरती भी कहा जाता है। वर्तमान में यहां करीब 32 बाघ हैं। यहां चिड़ियों की 240 प्रजातियां पाई जाती हैं। टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंघा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ आदि शामिल हैं। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, रानी कुशवाहा, प्रधान सचिव, वन विभाग संदीप यादव, वन बल प्रमुख शुभरंजन सिंह सेन, संभागायुक्त अनिल सुचारी, कलेक्टर संदीप जी आर, एसपी विकास शाहवाल, मुख्य वन संरक्षक दीपू दमन सिंह भदौरिया, डिप्टी डायरेक्टर टाइगर रिजर्व रजनीश सिंह, डीएफअाे दक्षिण वरुण यादव, एडिशनल एसपी लाेकेश सिन्हा माैजूद थे।












