-हर क्षेत्र में दिखेगा बुंदेलखंड की बेटियों का जलवा
सागर। महिला क्रिकेट विश्वकप में विजय पताका लहराने वाली भारतीय टीम की प्रतिभाशाली ऑल राउंडर हमारे बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ के इस मुकाम तक पहुंचने में संघर्ष की दास्तां बड़ी लंबी है। मां ने मजदूरी कर उसे पाला पोशा। छतरपुर जिले के एक छोटे से गांव के बेहद साधारण परिवार से निकली क्रांति की यह लौं ऐंसी जली कि पूरा मध्य प्रदेश इस बेटी के सामने नतमस्तक हो गया है। उसके प्रदर्शन ने पूरे देश का दिल जीत लिया है और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र का मान बढ़ाया है। क्रांति ने न केवल विपरीत परिस्थितियों में अपनी खेल प्रतिभा को निखारा है,बल्कि एक ऐसे प्लेटफार्म पर जहां हर कोई पहुंचने की चाह रखता है, वहां भी इस बेटी ने अपने व्यक्तित्व की अलग छाप छोड़ी है। क्रांति ने बुंदेलखंड की बेटियों में एक नया जोश और जुनून भर दिया है। आगे हमें और सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे। खेल जगत ही नहीं हर क्षेत्र में बुंदेलखंड की बेटियां अपनी प्रतिभा और कौशल का परचम लहरा रही हैं। कोई आईएएस तो कोई साइंटिस्ट बनने की तैयारी में है। बुंदेलखंड प्रतिभाओं से भरा पड़ा है। जरूरत है, सही समय पर उनकी प्रतिभा को सामने लाने की। कहते हैं कि जहां चाह है वहां राह मिल ही जाती है। बेटियां अपने सपनों को जीना चाहती हैं, उन्हें जीने दीजिए। बुंदेलखंड से फिर एक क्रांति की शुरुआत हुई है। आगे यहां की और भी बेटियां कमाल और धमाल करने जा रही हैं। राजदार न्यूज़ की तरफ से क्रांति और उनकी पूरी टीम को उज्जवल भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं।













