सागर | अयोध्या स्थित रामलला सेवा सदन पीठ के अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज सोमवार को अल्प प्रवास पर सागर पहुंचे। रायसेन के उदयपुरा में आयोजित 9 दिवसीय रामकथा और प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न कराकर अयोध्या लौटते समय उन्होंने सिविल लाइंस में शिष्य मंडल को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा और संस्कारों पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में माता-पिता की और गौ माता की सेवा सबसे बड़ा पुण्य है।

स्वामी जी के सागर आगमन की सूचना मिलते ही उनके शिष्य मंडल में भारी उत्साह देखा गया। सिविल लाइन्स स्थित आयोजन स्थल पर भक्तों ने उनकी भव्य अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु पूजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। स्वागत करने वालों में शिष्य मंडल के अरुण दुबे , शीलकुमार चौबे, दिलीप पाठक, डाॅ. अनिल मिश्रा, इंजी. वरूण पाण्डे, इंजी. मयंक चौबे, डाॅ. आदित्य दुबे , आशीष दुबे एवं काॅन्ट्रेक्टर समर जैन ,यश पाठक, कुलदीप चौबे, अद्वित मिश्रा, सुयश समैया ,अव्यय दुबे, इंजी. गोविन्द प्रजापति ,निधि दुबे, किरण दुबे, लक्ष्मी चौबे, कीर्ति पाठक, दीप्ती मिश्रा, दीक्षा दुबे, अक्षिता मिश्रा, अदिति पाण्डेय, अवनि मिश्रा आशीर्वाद लिया। दिन भर भक्तों को सानिध्य और मार्गदर्शन देने के बाद स्वामी राघवाचार्य महाराज रात्रि करीब 1 बजे सड़क मार्ग से अयोध्या के लिए प्रस्थान कर गए। जाते समय भी उन्होंने युवाओं को व्यसनों से दूर रहने और सेवा मार्ग को चुनने का संदेश दिया।












