सागर। सागर की नवागत कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिले के मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने मंगलवार को अपने पहले आदेश में प्रचंड गर्मी को देखते हुए स्कूल का टाइम बदला है। अब कक्षा 12 वीं तक की क्लास सुबह 7:30 से दोपहर 12:00 बजे तक लगेंगी। कलेक्टर ने नरयावली स्वास्थ्य केंद्र का भी जायजा लिया। कलेक्ट्रेट कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने न केवल शासन की प्राथमिकता वाले बिंदु, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और उनके समाधान पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी।
कलेक्टर पाल ने बताया कि जिले में बुनियादी ढांचे का विस्तार और उसके परिणाम उनकी शीर्ष प्राथमिकता हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में स्कूलों के उन्नयन और ‘डिजिटल लर्निंग’ को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला अस्पताल से लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ‘रियल-टाइम मॉनिटरिंग’ की बात कही।
जल संसाधन की चर्चा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कृषि क्षेत्र में नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो और उन्हें खाद-बीज की उपलब्धता में कोई असुविधा न हो।
संवाद के दौरान कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि जनहित की योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन का मुख्य ध्येय ‘अंत्योदय’ है-यानी पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचना।
यह संवाद केवल एकतरफा नहीं रहा। मीडिया प्रतिनिधियों ने शहर के यातायात, अतिक्रमण और स्थानीय विकास से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए। कलेक्टर ने इन सुझावों को सकारात्मक रूप से लेते हुए मौके पर ही उपस्थित अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि सूचनाओं के आदान-प्रदान में मीडिया की भूमिका ‘मार्गदर्शक’ की है। उन्होंने आग्रह किया कि विकास की सकारात्मक कहानियों को जनता तक पहुँचाएँ, ताकि लोग जागरूक हों और योजनाओं का लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, सहायक संचालक जनसंपर्क सौम्या समैया, मनोज नेमा मौजूद थे।













