गदेरी नदी में फंसे 9 बच्चों की जान बचाने पुलिस-एसडीआरएफ ने लगाई जान की बाजी
सागर। पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नदी-नाले उफान पर ला दिए हैं। इस सावन में ऐसी पहली बारिश सागर के लोगों ने देखी। बंडा का उलदन बांध ओवरफ्लो हो गया है। सागर की लाइफ लाइन राजघाट बांध में भी पानी बढ़ रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 24 घंटे में 54 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
एसपी की संवेदनशीलता, पल-पल मॉनिटरिंग से बची 9 बच्चों की जान…

22 अगस्त की शाम 18:50 बजे डायल-112 एवं पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि आबचंद गुफा क्षेत्र में गदेरी नदी के तेज बहाव एवं चारों ओर से पानी से घिरे 9 बच्चे फंस गए हैं। परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण थीं और बच्चों तक तत्काल पहुंचकर उनका रेस्क्यू करना बेहद जोखिमपूर्ण था। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया ने पूरे घटनाक्रम की पल-पल मॉनिटरिंग की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से लगातार समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक संसाधन तत्काल मौके पर भेजने के निर्देश दिए। वरिष्ठ अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
गुफा की ओर से पहुंचना कठिन था। 4 किलोमीटर घने जंगल से टीम पैदल पहुंची। आबचंद गांव के ग्रामीणों की सहायता से जंगल में रास्ता तलाशा गया तथा जीपीएस नेविगेशन एवं सर्चलाइट की मदद से टीम बच्चों के निकट पहुंची।
वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर संभाला मोर्चा…
पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया द्वारा पल-पल की मॉनिटरिंग की गई। उन्होंने पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय स्थापित किया तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी एवं एसडीओपी रहली प्रकाश मिश्रा ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया। दोनों अधिकारियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीमों का कुशल नेतृत्व करते हुए पुलिस एवं एसडीआरएफ जवानों का मनोबल बढ़ाया और सभी टीमों को एकजुट होकर साहस एवं सूझबूझ के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए निर्देशित किया।












