मयंक साहू हत्याकांड: 21 मई से 21 जून तक 30 दिन में मास्टरमाइंड मनु-यश सोनी सहित 7 की गिरफ्तारी
सागर। मोतीनगर क्षेत्र के चर्चित मयंक साहू हत्याकांड में फरार 10-10 हजार के इनामी फरार आरोपी मनु सोनी के बाद मुख्य आरोपी यश सोनी को भी मोतीनगर पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। अब तक कुल 7 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एक फरार आरोपी ओम अहिरवार की तलाश जारी है। यश और मनु दोनों पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के बिछाए दिमागी जाल में फंस गए। उन्होंने अपराधियों की जड़ पर वार किया। सीएसपी ललित कश्यप और मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत के लिए यह बड़ा टास्क दिया गया था। जिसमें दोनों काफी हद तक सफल भी साबित हुए हैं। पहले इन अपराधियों के सोशल मीडिया फॉलोवर्स और मददगारों को पुलिसिया अंदाज में तोड़ा गया। इसके बाद आर्थिक रूप से तोड़ने के लिए एमडी ड्रग्स तस्करों को दबोचा। मनु की किस्मत अच्छी थी कि उस समय भाग निकला, लेकिन ज्यादा दूर नहीं भाग पाया। शुक्रवार को उसने पुलिस से बचने के लिए ओवर ब्रिज से छलांग लगाकर हाथ-पैर तुड़वा लिए। अगले ही दिन ललितपुर से यश सोनी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बताया जा रहा है कि पुलिस यश को पकड़ने के लिए हर स्तर पर तैयार थी, लेकिन उसने भागने की कोशिश ही नहीं की।
पुलिस अधीक्षक सुजानिया ने बताया कि 21 मई 2026 की रात्रि लगभग 10:30 बजे थाना मोतीनगर क्षेत्र अंतर्गत विवेकानंद वार्ड, मछरयाई स्थित गोंड बब्बा चबूतरा क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते फरियादी ओम साहू एवं उसके भाई मयंक साहू के साथ आरोपियों ने विवाद एवं गाली-गलौज की। इसी दौरान आरोपियों द्वारा अवैध हथियार से फायरिंग की गई। जिसमें मयंक साहू गंभीर रूप से हो गया उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। बचाने आए मयंक के भाई ओम साहू पर भी चाकू से हमला कर घायल कर दिया।
चार राज्यों में चला अंतरराज्यीय सर्च ऑपरेशन, एसपी ने खुद संभाली कमान:
वारदात के बाद से मामले के तीन फरार आरोपी मनु सोनी, यश सोनी एवं ओम अहिरवार गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। तीनों आरोपी गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली तथा मध्यप्रदेश के पीथमपुर, अशोकनगर, इंदौर एवं कटनी सहित विभिन्न स्थानों पर छिपकर फरारी काट रहे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण, साइबर इनपुट, मुखबिर तंत्र तथा अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से लगातार प्रयास किए गए। मामले की गंभीरता को दृष्टिगत तीनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम भी घोषित किया गया।
परिजन की जमानत कराने के लिए बड़ी वारदात की फिराक थे
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 19 जून को तीनों फरार आरोपी सागर आने वाले हैं। वे अपने परिवार की जमानत के लिए धन की व्यवस्था करने किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना पर विशेष टीमों द्वारा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर निगरानी शुरू की गई। 19-20 जून की दरमियानी रात सूचना मिली कि आरोपी बम्हौरी रेंगुवा रेलवे आउटर पर ट्रेन से उतरकर पटरियों के रास्ते शहर में प्रवेश करने वाले हैं। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी किए जाने पर तीनों आरोपी भागने लगे। इसी दौरान मनु सोनी निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज से नीचे कूद गया, जबकि दो आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। मनु सोनी को गिरफ्तार कर तलाशी लेने पर उसके कब्जे से लगभग 20 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग बरामद की गई। आरोपी मनु हत्या के अलावा एमडी ड्रग्स सप्लाई के प्रकरण में भी फरार चल रहा था। दोनों प्रकरणों में आरोपी मनु सोनी की गिरफ्तारी कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया। 21 जून को मुख्य आरोपी यश सोनी को ललितपुर से पकड़कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर थाना मोतीनगर लाया गया,जहां उसे विधिवत गिरफ्तार कर उसके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा भी बरामद कर लिया गया है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
फैन फॉलोइंग बढ़ाने के लिए नाबालिग ने फैलाई थी एक और हत्या की धमकी की अफवाह
आरोपियो की फरारी का फायदा उठाकर एक नाबालिग ने आरोपियो के नाम से एक अन्य व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देकर शहर में डर फैलाने का प्रयास किया था। पुलिस जांच में पता लगा कि बालक का आरोपियो से कोई संपर्क नहीं था। उसने फैन फॉलोइंग बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया में धमकी भरे मैसेज वायरल किए थे। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी मनु सोनी के विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, मारपीट सहित लगभग 25 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी यश सोनी के विरुद्ध लगभग 8 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
7 आरोपी गिरफ्तार करने वाली टीम
मोतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उप निरीक्षक पीडी ठाकुर, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र शर्मा, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, प्रधान आरक्षक सुनील चौबे, प्रधान आरक्षक दिनेश यादव, प्रधान आरक्षक जानकी मिश्रा, आरक्षक श्रीकांत चौबे, आरक्षक आशीष यादव,आरक्षक आशीष सिंह,आरक्षक मनीष तिवारी, आरक्षक प्रदीप शर्मा,आरक्षक अमन स्वामी, आरक्षक सत्येंद्र सिंह, आरक्षक अनुराग वैद्य, आरक्षक गुड्डू शर्मा, आरक्षक आंचल सेन,आरक्षक चंदन बिल्थरे, आरक्षक सोमवीर सिंह, आरक्षक कुलदीप ठाकुर, आरक्षक दीपक अहिरवार, आरक्षक मुकेश अहिरवार, आरक्षक हेमेंद्र ठाकुर आदि शामिल थे।












